रोहतक के गांधी कैंप (Gandhi Camp) बाजार के दुकानदारों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद कदम उठाए हैं और दुकानों के लिए फायर सेफ्टी उपकरण (अग्निशामक यंत्र) खरीदने शुरू कर दिए हैं।

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रोहतक के डी-पार्क (D-Park) मार्केट में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब शहर के अन्य बाजारों के दुकानदार भी सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गए हैं। इस हादसे से सबक लेते हुए **गांधी कैंप (Gandhi Camp) बाजार के दुकानदारों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद कदम उठाए हैं और दुकानों के लिए फायर सेफ्टी उपकरण (अग्निशामक यंत्र) खरीदने शुरू कर दिए हैं।**
इस पहल और हादसे से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
### गांधी कैंप के दुकानदारों का सुरक्षा कदम
* **फायर एक्सटिंग्विशर की खरीद:** डी-पार्क में शॉर्ट सर्किट (AC कंप्रेसर फटने) के कारण लगी अचानक आग को देखते हुए गांधी कैंप के व्यापारियों ने अपनी-अपनी दुकानों में फायर सिलेंडर और अन्य बचाव उपकरण इंस्टॉल किए हैं।
* **जागरूकता:** दुकानदारों का मानना है कि किसी भी बड़े हादसे का इंतजार करने से बेहतर है कि पहले से ही सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता रखे जाएं, ताकि आपातकालीन स्थिति में शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाया जा सके।
### डी-पार्क अग्निकांड का घटनाक्रम
* **हादसे की वजह:** डी-पार्क मार्केट में दोपहर के समय एक शू-शोरूम के **AC का कंप्रेसर फटने** और शॉर्ट सर्किट होने की वजह से अचानक भयानक आग भड़क उठी थी।
* **नुकसान:** आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पास के होमटाउन शूज़ और कॉस्मेटिक्स समेत करीब **10 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया**, जिससे करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
* **जान-माल की हानि:** इस दुखद हादसे में 3 लोगों (सौरभ, अमन यादव और कपिल) को अपनी जान गंवानी पड़ी।
### प्रशासन और सरकार की कार्रवाई
* **मुआवजे का ऐलान:** मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात की। सरकार ने मृतकों के परिवारों को **10-10 लाख रुपये**, प्रभावित पक्के दुकानदारों को मुख्यमंत्री रिलीफ फंड से **5-5 लाख रुपये** और रेहड़ी/फूड कोर्ट संचालकों को **50-50 हजार रुपये** की फौरी आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
* **जांच कमेटियां:** इस पूरे हादसे के कारणों और फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया के समय की जांच के लिए प्रशासन द्वारा **2 अलग-अलग कमेटियों का गठन** किया गया है।
गांधी कैंप के दुकानदारों द्वारा उठाया गया यह कदम वाकई सराहनीय है, क्योंकि संकरे बाजारों में ऐसी सतर्कता ही बड़े हादसों को टालने में सबसे मददगार साबित होती है।

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