रोहतक पीजीआई की ओपीडी में अब मरीजों को मिलेगी एक माह की दवाई: चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल

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पीजीआई की ओपीडी में अब मरीजों को मिलेगी एक माह की दवाई: चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल

  • – मरीजों के लिए बहुत बड़ी राहत
    रोहतक, 21 अप्रैल। यदि आप हरियाणा के आसपास के किसी राज्य से या पीजीआईएमएस रोहतक से सैकडों किलोमीटर दूर से भी पीजीआईएमएस में इलाज करवाने आ रहे हैं तो यह खबर आपके लिए हो सकती है। मरीजों के हितों को देखते हुए पीजीआईएमएस निदेशक डाॅ. कुंदन मित्तल ने चैधरी रणबीर सिंह ओपीडी में आने वाले मरीजों के हितों को देखते हुए 3 दिन की जगह 30 दिन की दवाईयां प्रदान करवाने का निर्णय लिया है।
    डॉक्टर कुंदन मित्तल ने कहा कि मरीजों के हितों में यह सुविधा शुरू करने का श्रेय वें कुलपति डाॅ.एच.के. अग्रवाल व निदेशक डाॅ.एस.के. सिंघल को देते हैं। जिन्होंने मरीजों के हितों को देखते हुए यह निर्णय लेने के लिए मार्गदर्शन दिया। उनका उद्देश्य मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है और इस निर्णय से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
    चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. कुंदन मित्तल ने बताया कि पीजीआईएमएस रोहतक में पंजाब, यूपी, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ, सिरसा, डबवाली, अंबाला, पंचकुला, महेंद्रगढ,कैथल सहित सैकडों किलोमीटर दूर दराज के क्षेत्रों से मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं। ऐसे में अक्सर यह देखने में आता था कि ओपीडी में चिकित्सक द्वारा एक माह की दवाई लिखने पर भी मरीज को सिर्फ तीन चार दिन की दवाई मिलती थी। इस पर अधिकारियों के आदेश पर यह व्यवस्था बदलने का निर्णय लिया गया।
    डाॅ. कुंदन मित्तल ने बताया कि इस निर्णय से मरीजों को कई फायदे होंगे। उन्हें अब बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनके समय और पैसे की बचत होगी। इसके अलावा, दवाई की उपलब्धता में भी वृद्धि होगी, जिससे मरीजों को अपनी दवाएं समय पर मिल सकेंगी।
    डॉक्टर कुंदन मित्तल का यह निर्णय मरीजों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलेगी और उनकी सेहत में सुधार होगा।
    बाॅक्स: मरीजों को होंगे ये फायदे
    – बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं होगी
    – दवाई की कमी नहीं होने से इलाज अधूरा रहने की संभावना नहीं
    – मरीजों के समय और पैसे की बचत होगी
    – मरीज को हर हफ्ते लाइन में नहीं लगना होगा
    – अस्पताल में भीड में कमी आएगी

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