हरियाणा के रोहतक जिले के महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में रोहतक पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संक्षिप्त मुठभेड़ (एंकाउंटर) के बाद वारदात में शामिल दूसरे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे सुरक्षा घेरे में इलाज के लिए रोहतक पीजीआई (PGI) में भर्ती कराया गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महम पुलिस और अपराध शाखा (CIA) की टीमों को गुप्त सूचना मिली थी कि विधायक कार्यालय पर फायरिंग करने वाला दूसरा आरोपी महम के ग्रामीण इलाके में छिपा हुआ है और वहां से भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इलाके की नाकाबंदी की और आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा।
आरोपी ने की पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में लगा पैर में गोली
खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए पहले आरोपी को रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब उसने लगातार गोलियां चलाईं, तो पुलिस को आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। जवाबी फायरिंग में एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह वहीं गिर गया। पुलिस ने तुरंत उसे दबोच लिया और उसकी पहचान अमन (निवासी: गांव खरैंटी, रोहतक)के रूप में की है।
इलाज के लिए रोहतक PGI में कराया गया भर्ती
मुठभेड़ में घायल होने के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी अमन को प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की और कड़े पुलिस पहरे के बीच रोहतक के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGIMS) में दाखिल कराया। फिलहाल डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है, और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। अस्पताल परिसर और वार्ड के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
वारदात के पीछे के कारणों और नेटवर्क की जांच जारी
महम से कांग्रेस विधायक बलराम दांगी के कार्यालय पर हुई इस फायरिंग की घटना ने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर सनसनी फैला दी थी। पुलिस इससे पहले भी इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। अमन की गिरफ्तारी इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में बेहद अहम मानी जा रही है।
रोहतक पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपी अमन के पूरी तरह स्वस्थ होते ही उसे अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। हथियार किसने मुहैया कराए थे और इस हमले का असली मकसद क्या था। पुलिस ने साफ किया है कि क्षेत्र में शांति भंग करने वाले और जनप्रतिनिधियों या आम जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।