
लोकतंत्र की मर्यादा और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया की रक्षा के संकल्प के साथ पार्षद जयदेव डागर के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने रोहतक में चुनाव आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “वोट चोर – गद्दी छोड़” और “चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” के गगनभेदी नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और हालिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्षद जयदेव डागर ने इस दौरान जनता को संबोधित करते हुए निर्वाचन प्रणाली की पारदर्शिता को लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव बताया।
लोकतंत्र की आत्मा है निष्पक्ष चुनाव: जयदेव डागर
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पार्षद जयदेव डागर ने कहा:
“निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव किसी भी लोकतंत्र की आत्मा होते हैं। जब संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगें और जनता के मत की सुरक्षा खतरे में दिखे, तो सड़कों पर उतरना लोकतांत्रिक दायित्व बन जाता है। जनता के मत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अथवा वोट की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह लड़ाई किसी पद विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भारत के संविधान और आम नागरिक के मताधिकार की रक्षा की लड़ाई है।”
प्रमुख मांगें:
मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा: चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे गंभीर संशयों और निष्पक्षता की विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
पूर्ण पारदर्शिता की गारंटी: मतदाता सूची, मतगणना प्रक्रिया और मतदान प्रणाली में शत-प्रतिशत निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाए।
संवैधानिक मर्यादाओं की बहाली: संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता बनाए रखी जाए ताकि आम जनता का चुनावी व्यवस्था पर विश्वास कायम रहे।
प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि चुनाव आयोग ने जनता के उठते सवालों का संज्ञान नहीं लिया और निष्पक्षता बहाल नहीं की, तो इस आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।