पाखंड के खिलाफ लड़ाई लम्बी चल सकती है लेकिन विजय आर्य समाज की होगी

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देशद्रोह ओर हत्या का आरोपी जमानत पर आकर समाज मे विष घोल रहा है

बैठक मे सात प्रस्ताव पास किए

आर्य समाज हरियाणा के आह्वान पर नांदल भवन मे आयोजित चिंतन बैठक एवं पाखंड खंडन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता गुरुकुल झज्जर के संचालक आचार्य विजयपाल ने की। बैठक का संचालन कृष्णदेव शास्त्री ने किया। बैठक का आयोजन आर्य समाज बोहर के विशेष सहयोग द्वारा किया गया। इस अवसर पर जहां आर्य समाज के संन्यासी, विद्वान तथा खापों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. आचार्य अग्निव्रत नैष्टिक, स्वामी सच्चिदानंद, स्वामी आदित्यवेश, स्वामी संकल्पदेव, स्वामी दिव्यानंद, आचार्य राजेंन्द्र, स्वामी नित्यानंद, धनखड़ खाप से डॉक्टर ओमप्रकाश धनखड़, नांदल खाप से ओमप्रकाश नांदल, देशवाल खाप से अनिल नंबरदार, हुड़्डा खाप से रामफूल हुड़्डा, रामकिशन पावड़िया खाप से, अहलावत 84 से हरदीप अहलावत, राठी खाप से रणबीर राठी, अहलावत खाप से जयसिंह, कथुरा 12 से तकदीर नरवाल, संचित नांदल, इंद्रसिंह पूर्व एसडीएम, डॉक्टर विवेकानंद, धनीराम नांदल, सुभाष फौजी, डॉक्टर बलबीर शास्त्री, डॉ.जगदेव सिंह, दयानन्द एडवोकेट, कल्याणी आर्या के अतिरिक्त विभिन्न आर्य समाजो के कार्यकर्ता उपस्थित रहे. इस अवसर पर सात प्रस्ताव पास किए गए.
आचार्य विजयपाल ने कहा आर्य समाज पाखंड के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रहा है। हो सकता है संघर्ष लम्बा हो लेकिन विजय आर्य समाज की होगी। स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि सत्यार्थ प्रकाश को पढ़कर हजारों लोगों ने अपने आपको देश पर न्योछावर किया।
वैज्ञानिक अग्निव्रत नैष्टिक ने कहा की वेद की वैज्ञानिक विवेचना आर्य समाज ने की। ऋषि दयानन्द से प्रेरणा लेकर लाखों लोगों ने आजादी के आंदोलन मे आगे बढ़कर अपने जीवन की आहुति दी. स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि देशद्रोह ओर हत्या का आरोपी जमानत पर आकर समाज मे विष घोल रहा है। सरकार इसका संज्ञान लेकर कोर्ट से जमानत निरस्त करवाए। आचार्य सोमदेव ने कहा कि संत पवित्र विचारों वाला होता है कलुषित मानसिकता वाला नहीं. आजकल संत नाम लगाकर कुछ लोग समाज मे भ्रम फैला रहे उनको बेनक़ाब करना आज सबकी प्राथमिकता है।
पद्मश्री डॉक्टर सुकामा ने कहा कि ऋषि दयानन्द ने महिलाओं की पढ़ाई की वकालत सबसे पहले की।
हुड़्डा खाप के कार्यकारी प्रधान रामफुल हुडा ने कहा किपाखंड के विरुद्ध आंदोलन में हम आर्य समाज के साथ है। सुभाष फौजी ने कहा कि चाचा रामपाल का सोशल मिडिया का गुब्बारा अब फुट गया है। नांदल खाप के प्रधान ओमप्रकाश नांदल ने सभी का धन्यवाद किया ओर सबको संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।

 

बैठक मे सात प्रस्ताव पास किए –

आर्य समाज हरियाणा की बैठक में पारित प्रस्ताव

प्रस्ताव संख्या 1 : महापुरुषों के अपमान की निंदा

यह बैठक रामपाल दास द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, योगीराज श्रीकृष्णचंद्र जी महाराज, महादेव शिवजी महाराज, ऋषि दयानंद सरस्वती जी तथा अन्य महापुरुषों के संबंध में की जा रही अपमानजनक एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़े शब्दों में निंदा करती है। बैठक सरकार से मांग करती है कि इन मामलों का तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। रामपाल दास और उसके अनुयायियों के इस दुष्प्रचार से वैदिक सनातन धर्म को मानने वाले व्यापक जनसमुदाय में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

प्रस्ताव संख्या 2 : जमानत निरस्त कराने की मांग

रामपाल दास की वर्तमान गतिविधियों, उसके अनुयायियों द्वारा किए जा रहे अभद्र व्यवहार एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों तथा उसकी जमानत की शर्तों को देखते हुए सरकार को सक्षम न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर उसकी जमानत निरस्त करवाने की कार्रवाई करनी चाहिए। समाज में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है।

प्रस्ताव संख्या 3 : धनाना धाम की घटना पर कार्रवाई

धनाना धाम में उसके अनुयायियों द्वारा सोशल मीडिया पर मशीनगन लहराने की घटना अत्यंत गंभीर है और इससे बरवाला कांड की याद ताजा होती है। बरवाला में भी इसी प्रकार अवैध एवं अवांछित तत्व हथियारों से लैस होकर दहशत एवं आतंक फैलाने का कार्य कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप सरकार को हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती कर रामपाल दास एवं ऐसे तत्वों को गिरफ्तार करना पड़ा था। अतः समय रहते सरकार धनाना धाम के मामले में भी तत्काल प्रभावी कदम उठाए और ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करे।

प्रस्ताव संख्या 4 : AI और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर कार्रवाई

AI का दुरुपयोग करते हुए रामपाल दास, उसके अनुयायियों एवं सोशल मीडिया संचालकों द्वारा अपमानजनक, अश्लील और भड़काऊ सामग्री निरंतर प्रसारित की जा रही है। इसके माध्यम से सामाजिक एवं धार्मिक लोगों का चरित्र-हनन करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। बैठक सरकार से मांग करती है कि साइबर जांच करवाकर इस षड्यंत्र में शामिल लोगों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रस्ताव संख्या 5 : वैदिक एवं वैज्ञानिक विचारों के प्रचार का आह्वान

धर्म के नाम पर वेद, शास्त्र एवं विज्ञान-विरुद्ध विचारों का प्रचार समाजहित में नहीं है। यह बैठक देशवासियों का स्पष्ट आह्वान करती है कि वे वैदिक, तार्किक एवं विज्ञानसम्मत ज्ञान की रक्षा और प्रचार के लिए आगे आएं तथा स्वयं को परमात्मा बताने वाले पाखंडियों एवं अवैदिक विचारों का दृढ़ वैचारिक प्रतिकार करें।

ऋषि दयानंद सरस्वती जी ने अपना कोई अलग मत या पंथ स्थापित नहीं किया, बल्कि वेद, उपनिषद, दर्शन, गीता, महाभारत, रामायण आदि ग्रंथों को अपनी विचारधारा का आधार बनाया और आर्य समाज को वैदिक विचारधारा के प्रचार-प्रसार का दायित्व सौंपा। यह बैठक देश में वैदिक सनातन परंपराओं के प्रचार-प्रसार का संकल्प लेती है तथा स्वयं को परमात्मा बताने वाले एवं अवैदिक विचारों को बढ़ावा देने वाले पाखंडियों का दृढ़ वैचारिक प्रतिकार करेगी।

प्रस्ताव संख्या 6 : पाखंड एवं नशे के विरुद्ध जनजागरण

आर्य समाज, सर्वखाप पंचायतों एवं अन्य धार्मिक-सामाजिक संगठनों को साथ लेकर देश में पाखंड एवं नशे के विरुद्ध व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगा। इस अभियान के माध्यम से समाज में वैदिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सदाचार और नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा।

प्रस्ताव संख्या 7 : पंचायतों से अपील

इस अवसर पर आर्य समाज की ओर से सर्वखाप पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों से अपील की गई कि गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी व्यक्तियों का महिमामंडन न किया जाए। युवाओं के समक्ष संविधान, कानून, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित को आदर्श बनाया जाए तथा समाज में कानून के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत किया जाए।

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