बजट से किसान, कमेरे और युवाओं को निराशा हाथ लगी है: अभय सिंह चौटाला

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बजट में हरियाणा को कुछ नहीं दिया, खेती के लिए जरूरी खाद, बीज, दवाइयां और कृषि उपकरणों पर कोई राहत नहीं दी गई, उलटा खाद और यूरिया पर सब्सिडी कम कर दी गई हैं

दस साल में 20 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था लेकिन उसके उलट नौकरियां खत्म कर दी गई, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के बजट में भी कमी की गई है

कुल मिला कर भाजपा सरकार ने जो महंगाई, बेरोजगारी घटाने और किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया था उसके उलट दस साल में महंगाई, बेरोजगारी बढ़ाई है और किसानों की आमदनी घटाई है

 

चंडीगढ़, 23 जुलाई। इनेलो के प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बजट में हरियाणा के लिए कुछ भी नहीं दिया जिससे हरियाणा प्रदेश की जनता में मायूसी है। केंद्र द्वारा पेश किए गए बजट से किसान, कमेरे और युवाओं को निराशा हाथ लगी है। किसानों की प्रमुख मांगे जिनमें फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी प्रमुख हैं जिसका कोई जिक्र नहीं किया गया। खेती के लिए जरूरी खाद, बीज, दवाइयां और कृषि उपकरणों पर कोई राहत नहीं दी गई। उलटा खाद और यूरिया पर सब्सिडी कम कर दी गई हैं। किसान सम्मान निधि को 20 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा वित्त मंत्री ने सदन में की लेकिन बजट में दिए गए आंकड़ों में कोई बढ़ोतरी नहीं दिखाई गई है। युवाओं को 2 करोड़ सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था जो दस साल में 20 करोड़ युवाओं को देनी थी लेकिन उसके उलट 12 करोड़ नौकरियां खत्म कर दी गई।

कमेरों के उत्थान के लिए बजट में कुछ नहीं कहा गया है। मनरेगा बजट को भी कम कर दिया गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना जिसका बजट 2022-23 में 2 लाख 72 हजार करोड़ था उसे अब कम करके 2 लाख 5 हजार करोड़ कर दिया गया है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना का बजट जो 2022-23 में 7 हजार 5 सौ करोड़ रूपए था उसे भी कम करके 22 सौ करोड़ कर दिया गया है।

कुल मिला कर भाजपा सरकार ने जो महंगाई, बेरोजगारी घटाने और किसानों की आय दुगनी करने का वादा किया था उसके उलट दस साल में महंगाई, बेरोजगारी बढ़ाई है और किसानों की आमदनी घटाई है।

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