सरपंच कार्यालय पर बॉक्सरों का स्वागत करते हुए ग्रामीण
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का परचम लहराकर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले स्टार मुक्केबाज अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच के अपने पैतृक गांव मायना पहुँचने पर ग्रामीणों द्वारा ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार नागरिक अभिनंदन किया गया।
गांव की सीमा पर प्रवेश करते ही युवाओं और ग्रामीणों ने दोनों स्वर्ण पदक विजेताओं को कंधों पर उठा लिया और विजय जुलूस के साथ गांव के मुख्य चौक तक ले गए। बुजुर्गों ने दोनों खिलाड़ियों को आशीर्वाद दिया, जबकि युवाओं में उनके साथ तस्वीर खिंचवाने और ऑटोग्राफ लेने की होड़ मची रही।
इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में ग्रामीणों और ग्राम पंचायत की ओर से दोनों मुक्केबाजों को पगड़ी पहनाकर, स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा:
“अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराकर न केवल गांव मायना, बल्कि पूरे हरियाणा और भारत वर्ष का सिर गर्व से ऊंचा किया है। इनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि क्षेत्र के हजारों उभरते हुए खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगी।”
स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल और सचिन सिवाच ने ग्रामीणों के इस स्नेह और मान-सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। दोनों खिलाड़ियों ने कहा कि गांव की मिट्टी और अपनों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनका अगला लक्ष्य आगामी ओलंपिक खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।
इस मौके पर गांव के सरपंच, गणमान्य व्यक्ति, खेलप्रेमी और भारी संख्या में ग्रामीण व युवा मौजूद रहे।